Aakhir ye Itni Unjhane Kyu Hain

आखिर ये इतनी उलझने क्यों हैं,
मोहब्बत अगर ज़िंदगी है
तो इसमें कसमें क्यों हैं,
कोई बताता क्यों नहीं हमे ये राज की
धड़कन अगर अपनी है तो किसी और के बस में क्यों है

Aakhir Ye Itni Uljhane Kyu Hain
Mohabbat Agar Zindagi Hain
To Isme Kasme Kyu Hain
Koi Batata Kyo Nahi Hame Ye Raaj Ki
Dhadkan Agar Apni Hain To kisi Or ke Bus me kyu Hain

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