Deshbhakti shayari in hindi | Indian shayari

 

Indian shayari – हमारे देश की Indian army ने बहुत से सफलतायो के द्वारा हमारे देश में लोगो में deshbhakti के प्रति एकजूट किया है इसलिए आज desh bhakti shayari हमारी indian army के नाम जय हिन्द

हमें बड़ा ही गर्व होता है की हम हिन्दुस्तान में पैदा हुए है जहा भगत सिंह जैसे देशभक्त अपनी जान देश के लिए हस्ते हस्ते कुर्बान कर देते है

indian shayari desh bhakti shayari

कभी ठिठुरती ठण्ड में दो पल बिता के देख लेना
कभी तपती धुप दो कदम चल के देख लेना
और इतने सितम सहकर भी
कैसे होती है हिफाजत देश की
कभी सरहद पर जाकर देख लेना

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न केशरिया मेरा है न हरा मेरा है
मेरा धरम हिन्दुस्तानी है
पूरा तिरंगा मेरा है

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हर मजहब से सिखा हमने पहले
आप का नारा
मत बाटो इससे एक ही रहने दो
प्यारा हिंदुस्तान हमारा

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शेर के शिकंजे से उसका शिकार छीन ले
शिकारी के हाथों से उसका शमशीर छीन ले
और एक भी हिन्दुस्तानी के रगों में खून है जब तक
किसकी मजाल है जो हमसे हमारा कश्मीर छीन ले
किसकी मजाल है जो हमसे हमारा कश्मीर छीन ले

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मेरी जान तु सदा जिंदाबाद रहे तू
ऐ मेरे प्यारे वतनआबाद रहे तू

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मुझमे कुछ तिरंगे की आन का नशा है
कुछ मात्रभूमि की शान का नशा है
और गौरव है इस बात का
मै हिन्दुस्तान का हु और मुझमे हुन्दुस्तान बसा है

Indian shayari
Indian shayari

मेरे वतन का राष्ट्रगान बंगा से है
हमारे वतन की शान गंगा से है
जो वीर मर मिटे देश की मिटटी पर
उन शहीदों का अभिमान तिरंगा से है


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जो सो चुके है उनको जगाना है
देशभक्ति कोअपनी सासों में बसना है
अपने तिरंगे को पुरे जहा में फेहराना है

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हमें मालूम है
की इस रास्ते पर कदम कदम पर मौत है
फिर भी इस वतन की खिदमत का जूनून है
यह तुम्हारे इर्द गिर्द इसलिए इतना सुकून है
क्योकि इस हवा में हम जवानों का खून है

Deshbhakti shayari

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की क़ुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारत माता का आँचल नीलम नहीं होने देंगे

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न आरजू जन्नत की न ही मौत की फिक्र
चाहती है जिंदगी बस शहीदों में हो जिक्र

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पर्स में अपने परिवार को रख
सीमा पर पहरा देते है जब वर्दी मिलती है
जो फुले नहीं शमाते है वो देश के खातिर
अपनों से मिलने को तरस जाते है

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गरज उठे गगन सारा
समुन्दर छोड़े अपना किनारा
हिल जाये जहाँ सारा जब गूंजे
इंकलाब का नारा

भारत माता की जय


जो रात को भी तैनात रहता है
और जो दिन को भी  तैनात रहता है
वो है मेरा भारतीय वीर जवान

कुछ नशा ये तिरंगे की आन का है
कुछ नशा मातृभूमि के मान का है
हम लहराएंगे  हर जगह ये तिरंगा
नशा ये हिंदुस्तान की शान का है
नशा ये हिंदुस्तान की शान का है

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मैं भारतवर्ष का अमिट सम्मान करता हूं
यहां की मिट्टी का गुणगान करता हूं
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की
तिरंगा हो कफन मेरा बस यही अनुमान लगता हूं
तिरंगा हो कफन मेरा  बस यही अरमान लगता

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सीने पर गोलि खा हस्ते हस्ते मरने वाले
तुझे प्रणाम कारगिल में लड़ने वाले

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जो धर्म पे मर मिटा बस वही महान है
कारगिल का हर जवान देवता समान है
कारगिल का हर जवान देवता समान

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खुशनसीब है वो लोग जो वतन पे मिट जाते हैं
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं
करता हु तुम्हें सलाम ए वतन पर मिटने वालों
तुम्हारे हर सांस में तिरंगे का नसीब बसता है

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जो अब तक ना खोला वो खून नहीं पानी है
और जो देश के काम ना आए वो बेकार की जवानी ह

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मुझे ना तन चाहिए ना धन चाहिए
बस अमन से भरा ये वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं इस मातृभूमि के लिए
और जब मरूं तो तिरंगा कफन चाहिए.
जब मरूं तो तिरंगा कफन चाहिए

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इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना
रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत की हमने
ऐसे तिरंगे को हमेशा दिल में बचाये रखना

Indian army shayari
Indian army shayari  | deshbhakti

 

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आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी कभी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारतमाता का आंचल नीलाम नहीं होने देंगे
तब तक भारत माता का आंचल नीलाम नहीं होने देंगे

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जब आप खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो
जब आँख बंद हो तो यादें हिन्दुस्तान की हो
हम मर भी जाएं तो कोई गम नहीं
लेकिन मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो

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लिख रहा हूं मैं अंजाम जिसका
कल आगाज आएगा
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा
मैं रहूं या ना रहूं पर ये वादा है
तुमसे मेरा कि मेरे बाद वतन पर
मरने वालो का सैलाब आएगा.

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जमाने भर में मिलते हैं आशिक कई
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता
नोटों में भी लिपट कर सोने में सिमटकर मरे हैं कई
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफन नहीं होता

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देशभक्तों से ही देश की शान है
देशभक्तों से ही देश का मान है
हम उस देश के फूल है यारो
जिस देश का नाम हिन्दुस्तान है

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दिन हमारे एक हैं एक ही है हमारी जान
हिन्दुस्तान हमारा है हम हैं इसकी शान
जान लुटा देंगे वतन पे हो जाएंगे कुर्बान
इसीलिए हम कहते हैं मेरा भारत महान

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यही ख्वाहिश है कि भगवान् हर जन्म हिन्दुस्तान वतन देना
अगर देना तो दिल में देश भक्ति का चलन देना

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दे दौलत देश शोहरत.
कोई शिकवा नहीं हमको
झुका दूं सर में दुश्मन का
ये ही हिम्मत का धन देना अगर देना
तो दिल में देशभक्ति का चलन देना

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लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर
भारत का ही नाम होगा सबके जुबान पर
ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर
कोई तो उठाएगा आँख हिन्दुस्तान पर

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तिरंगा है आन मेरी
तिरंगा ही है शान मेरी
तिरंगा रहे सदा ऊँचा हमारा
तिरंगे से है धरती महान मेरी जय हिन्द

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तैरना है तो समंदर में तेरो|
नदी नालों में क्या रखा है
प्यार करना है तो वतन से करो
इन बेवफा लोगों में क्या रखा है

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ये बात हवाओं को बताए रखना
रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना.
लहू देकर जिसकी हिफाजत हमने की
ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना

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खूब बहती है अमन की गंगा बहने दो
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो
लाल हरे रंग में बांटो हमको
मेरे छत एक तिरंगा रहने दो
मेरे छत एक तिरंगा रहने दो

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आन देश की शान देश की
देश की हम संतान हैं
तीन रंगों से रंगा तिरंगा
अपनी यह पहचान हैं अपनी यह पहचान हैं

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 कुछ शायद तिरंगे की आन का ही
कुछ नशा मातृभूमि की मान का है
हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है

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चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें
शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर लें
जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे
देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें

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कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को
जाकर खुदा के घर से आया जाएगा
हमने लगाई आग है जो इन्कलाब की
इस आग को किसी से बुझाया जाएगा

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वतन हमारा मिसाल मोहब्बत की
तोड़ता है दीवार नफरत की
मेरी खुशनसीबी है मिली जिन्दगी इस चमन में
भुला सके कोई खुशबू इस की सातों जनम में

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लुटता हुआ वतन देखकर जो खोला नहीं
सोचो ऐसे खून की रवानी किस काम की
कर्ज से इस माटी का चुकाए बिना ढल जाए जो
बताओ दोस्तो वो जवानी किस काम की

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 एक दीप उनके नाम का भी रखना थाली में
जिनकी साँसे थम गयी रखवाली में

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   जय हिन्द जय भारत

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